दिलजले की आग में जिंदा जले थे सात लोग, बोला – जब देखो पैसे मांगती थी, परेशान कर दिया था

 

इंदौर के स्वर्ण बाग़ कॉलोनी में लगी भीषण आग का आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। कल शनिवार को यह घटना हुई थी जिसकी चर्चा दिन भर होती रही। इस हादसे में 7 लोग जिंदा जल गए थे वहीँ 8 लोग गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती हैं। अब इस घटना की हकीकत जब सामने आई तब पुलिस वालों के भी होश उड़ गए। जानकारी के अनुसार आग की घटना को अंजाम देने वाला आरोपी संजय उर्फ शुभम दीक्षित था जिसने उस बिल्डिंग में रहने वाली युवती के प्रेम की वजह से इस घटना को अंजाम दिया था।

 

आरोपी पुलिस से बचने के लिए लोहा मंडी के इलाके में छुपा था, जहां से शनिवार उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी पुलिस से बचने के चक्कर में गंभीर रूप से घायल हो गया है फिलहाल उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया है। आरोपी पर पुलिस ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। बता दें युवक ने शुक्रवार देर रात एकतरफा प्यार के चलते मल्टी में रहने वाली युवती की स्कूटी में आग लगा दी थी, जिससे आग पूरे बिल्डिंग में फैल गई थी।

झांसी का रहने वाला है आरोपी

पुलिस के अनुसार आग लगाने वाला आरोपी संजय उर्फ शुभम दीक्षित झांसी का निवासी है। वह सालभर पहले ही इंदौर आया था। जिस बिल्डिंग में आग लगी उसी बिल्डिंग में वह छह माह पहले किराएदार के रूप में रह रहा था। एकतरफा प्यार के चलते युवक ने यह घटना की। आरोपी इसी बिल्डिंग में रहने वाली एक युवती से प्यार करता है। युवती की शादी कहीं और तय हो गई थी।

 

 

लेकिन वो उसी से शादी करना चाहता था। इसी बात लेकर दोनों में विवाद हुआ था। दस हजार रुपये सहित कुछ अन्य मामलों में भी युवक-युवती के बीच विवाद की बात सामने आई है। आरोपी संजय के खिलाफ आईपीसी 302, 436 का अपराध दर्ज किया है। शनिवार को कलेक्टर मनीष सिंह ने भी कहा था कि यह हादसा है या षड़यंत्र दोनों ही बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इसके बाद पुलिस के हाथ जो सीसीटीवी फुटेज लगे उसमें साफ हो गया कि किस तरह एक युवक स्कूटी में आग लगाकर निकला था। इसके बाद पुलिस ने इसी बिंदू पर जांच को आगे बढ़ाया और मामला सुलझ गया।

 

 

आरोपी ने पुलिस को बताया, ‘मैं सना नाम की लड़की से बहुत परेशान हो गया था। उसने मेरे साथ बहुत गलत किया। उसने मुझसे खूब खर्चा करवाया। मैंने उसे हमेशा पैसे दिए हैं, कभी मांगे नहीं। वो हमेशा किसी न किसी बात के लिए पैसे मांगती थी। कभी कुछ दिला दो, कभी कुछ दिला दो। बाद में पता चला, वो बेवकूफ बना रही है।

 

 

 

कई लोगों के साथ लगी हुई है। मैंने सोचा कभी उससे बात नहीं करूंगा, तो वो मेरे पीछे ही पड़ गई। मैं तो सिर्फ उसकी गाड़ी की सीट जलाना चाहता था। सोचा था उसके बाद सब खत्म कर दूंगा। मुझे नहीं पता था कि इतना बड़ा कुछ हो जाएगा।’

 

‘मुझे शनिवार सुबह इस बारे में तब पता चला, जब उसी लड़की का फोन आया। उसने बताया कि मल्टी में आग लग गई है। मैं दिनभर घर पर ही रहा। शाम को पता चला कि टीवी में भी आ गया है। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं। फिर एक दोस्त से बात की, मैंने उससे कहा कि मैं सरेंडर कर दूंगा।’

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