नेक पहल : अधीक्षिका स्वयं के खर्चे से बच्चो का मना रही जन्मदिन, बोली- बच्चों का जन्मदिन बेकार नहीं जाएगा

मुंगेली / आपने बहुत से किस्से , खबरे जरूर सुने होंगे जिसमे एक शिक्षक हमेशा छात्रों की मदद करते आए है वो चाहे पढ़ाई मे हो निजीजीवन मे इसी प्रकार एकलव्य आदर्श आवासीय कन्या छात्रावास बंधवा लोरमी जिला मुंगेली मे स्थित कन्या छात्रावास मे एक अनोखा नई पहल की शुरुवात हुई है

जिसमे देखने को मिल है कि छात्रावास मे 150 छात्राये निवासरत है हर माह छात्रावास मे किसी ना किसी बच्चो का जन्मदिन आता ही रहता है बच्चो मे अपनी जन्मदिन मनाने के लिये मन मे आनंदित , उत्साह रहते थे लेकिन बच्चो के माता पिता व घर की दुरी ज्यादा होने के कारण वे अपना जन्मदिन मना नही पाते थे छात्राये की निराशाओ को दूर करने छात्रावास अधीक्षिका द्वारा एक पहल किया गया,कि जिस बच्चो का जन्मदिन रहेगा वह सुचना पटल मे तारीक सहित अपना नाम दर्ज करेगे ताकि हम स्वयं के पैसे से केक लाकर जन्मदिन मना पाए ।

आपको बता दे यह पहल की शुरुवात लगभग एक साल होने को है अधीक्षिका श्रीमती रीता डिंडोरे ने कहा जन्मदिन का दिन ही ऐसा होता है जो हर किसी ना किसी के जीवन मे आता ही है वह साल के किसी दिन, माह,दिनाँक को हो सकता है उस दिन के लिये हर कोई इंतजार करते है व अपनो के साथ जन्मदिन मनाने के लिये खुश रहते है। लेकिन बच्चो के माता पिता व घर की दुरी ज्यादा होने के कारण वे अपना जन्मदिन मानने मे आसमर्थ होते थे ,तब मुझे किसी भी बच्चे के जन्मदिन पर निराशा देखना अच्छा नहीं लगता था,तब मैंने निर्णय ली कि अब छात्रावास मे किसी भी बच्चों का जन्मदिन बेकार नहीं जाएगा हम छात्रावास मे बच्चों का जन्मदिन अपने स्वयं के खर्चे से खुशी से जन्मदिन मनाया जाएगा ।

यह पहल शुरुआत करने से सभी बच्चे खुशी महसूस कर रहे है सभी बच्चे अधीक्षिका के प्रति बेहत प्यार जाहिर करते है । और सभी बच्चे अपने घर जैसे महोल के साथ खुशी खुशी अपने पढ़ाई छात्रावास मे रहकर कर रहे है ।

यहाँ अधीक्षिका छात्रावास मे 24 घंटे निवास करती है बच्चो मे अनुशासन,आदर्श व्यवहार,बच्चो के स्वास्थ्य के प्रति सजग किसी भी बच्चो की अचानक तबियत खराब होने पर तुरंत 50 बिस्तर अस्पताल लोरमी,व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदली स्वयं ले जाकर इलाज कराती है,छात्रावास की देखरेख साफ सफाई सुव्यवस्थित रहती है,छात्रावास मे बच्चो को मीनू के आधार पर खाना व नास्ता समय पर दिया जाता है तथा सभी त्योहार व हर रविवार को विशेष पकवान व विशेष सब्जी खिलाया जाता है।

 

वही आपको बता दे श्रीमती रीता डिंडोरे ने लगातार एक सच्चे शीचीक के रूप मे अपना कार्य पूरी ईमानदारी से करते आ रही है , बच्चों के प्रति वे हमेशा सजग रहती है बच्चे के किसी भी जरूरत को अपना जरूरत समझते हुए वे सभी संभव कार्य करती है इसी का उदारण वे पूर्व मे अपने मुल शाला प्राथ.शाला बरमपुर को सत्र 2018-2019 मे अपने संविलियन होने की खुशी मे अपने वेतन की राशि को पुरे साज सज्जा पु्टी आदि रंगरोदन मरम्मत के लिये दो माह की राशि को कुल 50000/पचास हजार रुपये को स्कूल के लिए लगा दी थी इस कारण इनको जिला स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था,तथा सन् 2020 के कोरोना काल मे इनके ही दोनो बच्चो ने अपने गुल्लक तोडक़र मुख्यमंत्री राहत कोष मे दान किये थे जिसे स्वयं आदरणीय श्री भूपेश बघेल मुख्यमंत्री छ.ग. शासन ने अपने फेशबुक व ट्युटर मे इनके दोनो बच्चो की उज्ज्वल भविष्य की कामना किये थे बादहै भी दिया था जिसे छ.ग. के निवासियो ने सराहये थे।

 

 

तीन साल की बच्ची हर्षिता डिंडोरे और उसका आठ साल का बड़ा भाई हर्ष आज अपना गुल्लक लेकर दोनों प्यारे बच्चे लोरमी अनुविभाग अधिकारी कार्यालय पहुँचे और अपने एक दो रूपए के सिक्कों के साथ कुल मिलाकर 2267 रुपए “मुख्यमंत्री सहायता कोष” में दान किये।

Leave a Reply

Your email address will not be published.